BNS Section 70: भारत में लंबे समय से marital rape (वैवाहिक बलात्कार) को अपराध नहीं माना जाता था। लेकिन Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) 2023 में धारा 70 ने एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। यह धारा उन मामलों को कवर करती है जब पति अपनी पत्नी से अलगाव (separation) के दौरान जबरन यौन संबंध बनाता है।
पुराने कानून में IPC 376B इस अपराध को दंडित करती थी। अब BNS Section 70 ने उसकी जगह ली है। यह कानून महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करता है जब वे अलग रह रही हों या तलाक की प्रक्रिया में हों।
यह आर्टिकल BNS Section 70 को आसान हिंदी में विस्तार से समझाएगा – परिभाषा, सजा, पुरानी धारा से तुलना, उदाहरण, केस, दुरुपयोग, बचाव और व्यावहारिक सलाह के साथ।

BNS Section 70 क्या है? (सरल भाषा में पूरी व्याख्या)
धारा 70 BNS कहती है: जब कोई व्यक्ति अपनी पत्नी से अलगाव (decree of separation) के दौरान या जब पत्नी ने तलाक के लिए याचिका दायर की हो, तब यदि वह पत्नी की सहमति के बिना यौन संबंध बनाता है, तो वह इस धारा के तहत अपराधी माना जाएगा।
मुख्य तत्व (Ingredients):
- पति-पत्नी अलगाव में हों (court decree या तलाक की याचिका)
- पत्नी की सहमति के बिना यौन संबंध
- जानबूझकर किया गया हो
सजा: 2 साल तक कैद + जुर्माना
जमानत: जमानती (bailable) FIR: Non-cognizable (मजिस्ट्रेट के आदेश से FIR दर्ज होती है) Compoundable: हाँ (दोनों पक्ष राजी हों तो समझौता हो सकता है)

IPC 376B vs BNS Section 70 की पूरी तुलना
| विषय | पुरानी IPC 376B | नई BNS Section 70 | क्या बदला? |
|---|---|---|---|
| अपराध का नाम | Sexual intercourse by husband during separation | Sexual intercourse by husband during separation | नाम वही |
| परिभाषा | अलगाव के दौरान पत्नी से जबरन यौन संबंध | अलगाव के दौरान पत्नी से जबरन यौन संबंध | भाषा ज्यादा स्पष्ट |
| सजा | 2 साल तक कैद + जुर्माना | 2 साल तक कैद + जुर्माना | कोई बदलाव नहीं |
| जमानत | जमानती | जमानती | कोई बदलाव नहीं |
| FIR | Non-cognizable | Non-cognizable | कोई बदलाव नहीं |
BNS 70 के रोज़मर्रा के उदाहरण
- पति-पत्नी कोर्ट से अलगाव का आदेश मिलने के बाद पति जबरन यौन संबंध बनाता है।
- पत्नी ने तलाक की याचिका दायर की हो और पति जबरन संबंध बनाए।
- अलग रह रहे पति-पत्नी में पति घर आकर जबरन यौन संबंध बनाए।
अगर तुम पर BNS 70 लग गई हो तो क्या करोगे?
- तुरंत वकील से मिलो।
- पत्नी की सहमति का सबूत (मैसेज, कॉल रिकॉर्डिंग) इकट्ठा करो।
- जमानत आसानी से मिल सकती है क्योंकि यह जमानती अपराध है।
- समझौता (compounding) की कोशिश करो।
अगर तुम पीड़ित हो तो क्या करोगे?
- तुरंत मजिस्ट्रेट के पास private complaint दायर करो।
- मेडिकल रिपोर्ट (MLC) बनवाओ।
- सबूत (मैसेज, गवाह, फोटो) सुरक्षित रखो।
- महिला आयोग या हेल्पलाइन से मदद लो।
Conclusion
BNS Section 70 पति द्वारा अलगाव के दौरान जबरन यौन संबंध को अपराध मानता है। यह महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अगर आपके साथ ऐसा मामला है, तो तुरंत वकील से सलाह लें। penalcodedetail.com पर और धाराएँ पढ़ते रहो – हम तुम्हारे साथ हैं। 🙏
BNS Section 70 – सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल
1. BNS Section 70 क्या है?
BNS Section 70 भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा है जो पति द्वारा अपनी पत्नी से अलगाव (separation) के दौरान या तलाक की याचिका दायर होने के बाद पत्नी की सहमति के बिना यौन संबंध बनाने को अपराध मानती है।
2. BNS 70 में सजा कितनी है?
BNS Section 70 में सजा 2 साल तक कैद + जुर्माना है।
3. IPC 376B vs BNS Section 70 में मुख्य बदलाव क्या है?
भाषा ज्यादा स्पष्ट और आधुनिक हो गई है, लेकिन सजा और मूल प्रावधान लगभग वही रखे गए हैं।
4. BNS 70 जमानती है या गैर-जमानती?
BNS Section 70 जमानती (bailable) अपराध है।
5. BNS 70 में compounding हो सकती है?
हाँ, BNS Section 70 compoundable अपराध है। दोनों पक्ष राजी हों तो मजिस्ट्रेट के सामने समझौता किया जा सकता है।
6. BNS 70 में FIR कैसे दर्ज कराएँ?
BNS Section 70 में FIR मजिस्ट्रेट के आदेश से दर्ज होती है क्योंकि यह non-cognizable अपराध है।
7. BNS 70 में क्या पत्नी की सहमति जरूरी है?
हाँ, पत्नी की सहमति के बिना यौन संबंध बनाना BNS Section 70 के तहत अपराध है।
8. BNS 70 में अलगाव का मतलब क्या है?
अलगाव का मतलब कोर्ट द्वारा दिया गया separation decree या तलाक की याचिका दायर होना है।
9. BNS 70 में तलाक की याचिका दायर होने पर क्या होता है?
तलाक की याचिका दायर होने के बाद भी पति द्वारा जबरन यौन संबंध बनाना BNS Section 70 के तहत अपराध माना जाएगा।
10. BNS 70 में क्या marital rape को अपराध माना गया है?
BNS Section 70 केवल अलगाव के दौरान marital rape को अपराध मानता है, सामान्य वैवाहिक संबंध में नहीं।
11. BNS 70 में क्या पति को जेल हो सकती है?
हाँ, BNS Section 70 में 2 साल तक की जेल हो सकती है।
12. BNS 70 में compounding की प्रक्रिया क्या है?
दोनों पक्ष मजिस्ट्रेट के सामने उपस्थित होकर समझौता कर सकते हैं और केस समाप्त किया जा सकता है।
13. BNS 70 में क्या evidence क्या माना जाता है?
मेडिकल रिपोर्ट, मैसेज, कॉल रिकॉर्डिंग, गवाह और फोटो सबूत के रूप में मान्य हैं।
14. BNS 70 में क्या medical report जरूरी है?
हाँ, MLC (Medico Legal Case) रिपोर्ट बहुत महत्वपूर्ण सबूत मानी जाती है।
15. BNS 70 में क्या civil case भी चल सकता है?
हाँ, पीड़ित पत्नी सिविल कोर्ट में मुआवजे के लिए अलग सूट दायर कर सकती है।
16. BNS 70 में क्या NGO या महिला आयोग मदद कर सकता है?
हाँ, National Commission for Women, State Women Commission और स्थानीय NGOs मदद कर सकते हैं।
17. BNS 70 में क्या previous cases क्या हैं?
कई हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले हैं जिनमें पति को अलगाव के दौरान जबरन संबंध बनाने के लिए सजा दी गई है।
18. BNS 70 में क्या सजा कितने प्रतिशत मामलों में jail होती है?
ज्यादातर मामलों में जुर्माना या चेतावनी मिलती है, लेकिन गंभीर मामलों में जेल भी हो सकती है।
19. BNS 70 में क्या digital evidence मान्य है?
हाँ, WhatsApp चैट, कॉल रिकॉर्डिंग, वॉइस मैसेज और सोशल मीडिया सबूत मान्य हैं।
20. BNS 70 में क्या अपील कहाँ करनी चाहिए?
Sessions Court के फैसले के खिलाफ High Court और फिर Supreme Court में अपील की जा सकती है।
Disclaimer
PenalCodeDetail.com is for educational and informational purposes only. The content does not constitute legal advice, opinion, or professional service. Always consult a qualified lawyer for your specific case, as laws change and vary by jurisdiction. Any reliance on this information is at your own risk. Last updated: 29 May 2026.
Visit Also:
- Section 307 IPC
- Section 498A IPC
- 333 BNS
- IPC 506
- Section 341 IPC
- Section 306 IPC
- POCSO Act in Hindi
- 318(4) BNS
- IPC 498A vs BNS Section 85
- धारा 111 BNS क्या है
- Molestation Case Mein Saza Kya Hai
- IPC 354D vs BNS Section 78
- IPC 377 vs BNS Section 67
- BNS Section 152
- IPC 153A vs BNS Section 196
- BNS Section 138 क्या है?
- BNS Section 105
- BNS Section 85
- BNS Section 296
- धारा 87 BNS in Hindi
- धारा 305 BNS in Hindi
- धारा 137(2) BNS in Hindi
- BNS Section 316(2)
- BNS Section 3(5)
- BNS Section 125
- BNS Section 64
- BNS Section 309(4)
- BNS Section 223
- BNS Section 61(2)
- BNS Section 75
- BNS 2023
- BNS Section 79
- BNS Section 238
- BNS Section 127
- BNS Section 285
- BNS Section 80