BNS Section 79 क्या है? महिला की मर्यादा भंग करने वाले शब्द, इशारा या कार्य – सजा, जमानत और पूरी जानकारी हिंदी में

परिचय: BNS Section 79 – महिला की मर्यादा भंग करने वाला अपराध

महिलाओं के सम्मान और मर्यादा को ठेस पहुँचाने वाले शब्द, इशारा, हरकत या कोई भी कार्य समाज में बहुत आम हो गया है। पुराने कानून में IPC 509 इस अपराध को दंडित करती थी। अब Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) 2023 में धारा 79 ने IPC 509 की जगह ले ली है।

यह धारा उन लोगों को सजा देती है जो किसी महिला की मर्यादा भंग करने वाले शब्द बोलते हैं, अश्लील इशारा करते हैं, या कोई ऐसा कार्य करते हैं जो महिला को अपमानित या असहज महसूस कराए।

यह आर्टिकल BNS Section 79 की बहुत विस्तृत व्याख्या करता है – परिभाषा, सजा, IPC 509 से तुलना, उदाहरण, केस, दुरुपयोग, बचाव और व्यावहारिक सलाह के साथ।

IPC 509 vs BNS Section 79 की पूरी तुलना

विषय पुरानी IPC 509 नई BNS Section 79 क्या बदला?
अपराध का नाम Word, gesture or act intended to insult the modesty of a woman Word, gesture or act intended to insult the modesty of a woman नाम लगभग वही
परिभाषा महिला की मर्यादा भंग करने वाले शब्द/इशारा/कार्य महिला की मर्यादा भंग करने वाले शब्द/इशारा/कार्य भाषा ज्यादा स्पष्ट
सजा 3 साल तक कैद + जुर्माना 3 साल तक कैद + जुर्माना कोई बदलाव नहीं
जमानत जमानती (bailable) जमानती (bailable) कोई बदलाव नहीं
FIR Cognizable Cognizable कोई बदलाव नहीं
ट्रायल मजिस्ट्रेट कोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट कोई बदलाव नहीं

BNS Section 79 की विस्तृत व्याख्या

धारा 79 BNS कहती है: “जो कोई व्यक्ति किसी महिला की मर्यादा भंग करने के इरादे से कोई शब्द बोले, कोई इशारा करे, कोई वस्तु दिखाए या कोई ऐसा कार्य करे जो महिला की मर्यादा को ठेस पहुँचाए, तो वह इस धारा के तहत अपराधी माना जाएगा।”

इसमें शामिल हो सकता है:

  • अश्लील टिप्पणी करना
  • अश्लील इशारा करना
  • अश्लील गाना गाना या धुन बजाना
  • अश्लील फोटो/वीडियो दिखाना
  • अनचाहे तरीके से छूना या पीछे से आकर डराना
  • सोशल मीडिया पर अश्लील मैसेज या पोस्ट करना

सजा: 3 साल तक कैद + जुर्माना

जमानत: जमानती (bailable)

BNS 79 के रोज़मर्रा के उदाहरण

  1. सड़क पर लड़की को अश्लील टिप्पणी करना (“क्या हाल है बेबी?” आदि)।
  2. ऑफिस में महिला सहकर्मी को अश्लील इशारा करना।
  3. सोशल मीडिया पर महिला की फोटो पर अश्लील कमेंट करना।
  4. बस में जानबूझकर महिला को छूना या दबाना।
  5. फोन पर अश्लील कॉल या मैसेज करना।

अगर तुम पर BNS 79 लग गई हो तो क्या करोगे?

  1. तुरंत वकील से मिलो।
  2. ये साबित करो कि आपका इरादा मर्यादा भंग करने का नहीं था।
  3. जमानत आसानी से मिल सकती है क्योंकि यह जमानती अपराध है।
  4. अगर झूठी शिकायत है तो FIR quash के लिए हाई कोर्ट जाओ।

अगर तुम इस अपराध की शिकार हो तो क्या करोगे?

  1. सभी सबूत इकट्ठा करो (स्क्रीनशॉट, रिकॉर्डिंग, गवाह)।
  2. तुरंत थाने में FIR दर्ज करवाओ।
  3. अगर पुलिस न माने तो मजिस्ट्रेट के पास शिकायत करो।
  4. महिला हेल्पलाइन (1091) या महिला आयोग से मदद लो।

Conclusion

BNS Section 79 महिला की मर्यादा की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण धारा है। यह छोटे-छोटे अपमानजनक व्यवहार को भी अपराध मानती है। लेकिन इसका दुरुपयोग भी हो सकता है, इसलिए सबूत बहुत जरूरी हैं। अगर आपके साथ ऐसा मामला है, तो तुरंत सबूत इकट्ठा करें और अनुभवी वकील से सलाह लें। penalcodedetail.com पर और धाराएँ पढ़ते रहो – हम तुम्हारे साथ हैं। 🙏

FAQ – सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल (10 FAQs)

BNS Section 79 क्या है?

महिला की मर्यादा भंग करने वाले शब्द, इशारा या कार्य की धारा (पुरानी IPC 509)।

BNS 79 में सजा कितनी है?

3 साल तक कैद + जुर्माना।

IPC 509 vs BNS 79 में मुख्य बदलाव क्या है?

भाषा ज्यादा स्पष्ट हुई है, लेकिन सजा वही है।

BNS 79 जमानती है या गैर-जमानती?

जमानती (bailable)।

BNS 79 में सोशल मीडिया का कमेंट भी अपराध है?

हाँ, अगर मर्यादा भंग करने का इरादा हो तो लग सकता है।

BNS 79 में compounding हो सकता है?

हाँ, दोनों पक्ष राजी हों तो समझौता संभव है।

BNS 79 में FIR कैसे दर्ज कराएँ?

थाने में जाएँ और सबूत (स्क्रीनशॉट, रिकॉर्डिंग) दें।

BNS 79 में क्या BNS 74 (पुरानी 354) के साथ लग सकती है?

हाँ, अगर छूने या यौन उत्पीड़न का तत्व भी हो तो।

BNS 79 का दुरुपयोग कैसे होता है?

छोटी-मोटी बात पर झूठी शिकायत करके व्यक्ति को परेशान करना।

BNS 79 में जमानत मिलने में कितना समय लगता है?

जमानती होने के कारण आमतौर पर 3-7 दिनों में मिल जाती है।

Strong Disclaimer PenalCodeDetail.com is for educational and informational purposes only. The content does not constitute legal advice, opinion, or professional service. Always consult a qualified lawyer for your specific case, as laws change and vary by jurisdiction. Any reliance on this information is at your own risk. Last updated: 16 May 2026.

Visit Also: