परिचय: BNS Section 64 – बलात्कार की सजा
बलात्कार (Rape) भारतीय समाज में सबसे गंभीर और जघन्य अपराधों में से एक है। पुराने कानून में IPC 376 ने बलात्कार की सजा तय की थी। अब Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) 2023 में धारा 64 ने IPC 376 की जगह ले ली है।
यह धारा बलात्कार करने वाले व्यक्ति को बहुत सख्त सजा देती है। नया कानून पुराने से ज्यादा स्पष्ट है और कुछ विशेष परिस्थितियों (जैसे गैंग रेप, नाबालिग के साथ बलात्कार आदि) में सजा और भी कड़ी की गई है।
यह आर्टिकल BNS Section 64 की बहुत विस्तृत व्याख्या करता है – परिभाषा, सजा, पुरानी धारा से तुलना, उदाहरण, landmark judgements, दुरुपयोग, बचाव और व्यावहारिक सलाह के साथ।

BNS Section 64 की पूरी व्याख्या
धारा 64 BNS कहती है: “जो कोई व्यक्ति बलात्कार करता है, तो वह इस धारा के तहत अपराधी माना जाएगा।”
सजा (General):
- कम से कम 10 साल की कठोर कैद, जो आजीवन कारावास तक हो सकती है + जुर्माना।
विशेष मामलों में सजा (BNS 64 के साथ अन्य उप-धाराएँ):
- गैंग रेप, नाबालिग के साथ बलात्कार, सरकारी कर्मचारी द्वारा बलात्कार आदि में सजा और भी कड़ी (20 साल या आजीवन)।
जमानत: गैर-जमानती (Non-bailable) FIR: Cognizable
IPC 376 vs BNS Section 64 की विस्तृत तुलना
| विषय | पुरानी IPC 376 | नई BNS Section 64 | क्या बदला? |
|---|---|---|---|
| अपराध का नाम | Punishment for Rape | Punishment for Rape | नाम वही |
| सामान्य सजा | 7 साल से आजीवन + जुर्माना | 10 साल से आजीवन + जुर्माना | सजा कड़ी हुई |
| न्यूनतम सजा | 7 साल (कुछ मामलों में) | 10 साल | बढ़ाई गई |
| जमानत | गैर-जमानती | गैर-जमानती | कोई बदलाव नहीं |
| FIR | Cognizable | Cognizable | कोई बदलाव नहीं |
BNS 64 के रोज़मर्रा के उदाहरण
- परिचित व्यक्ति द्वारा जबरन यौन संबंध बनाना।
- गैंग रेप (एक से अधिक व्यक्ति द्वारा)।
- नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार।
- पति द्वारा पत्नी पर जबरन यौन संबंध (वैवाहिक बलात्कार – कुछ शर्तों के साथ)।
- किसी महिला को धमकी देकर या नशा पिलाकर बलात्कार करना।
अगर तुम पर BNS 64 लग गई हो तो क्या करोगे?
- तुरंत senior criminal lawyer (rape cases specialist) से मिलो।
- Consent (सहमति) साबित करने की पूरी कोशिश करो।
- जमानत के लिए सेशन कोर्ट → हाई कोर्ट → सुप्रीम कोर्ट।
- FIR quash के लिए हाई कोर्ट में 482 याचिका डालो।
- DNA रिपोर्ट, चैट, कॉल रिकॉर्ड आदि सबूत इकट्ठा करो।
अगर तुम बलात्कार का शिकार हुए हो तो क्या करोगे?
- तुरंत पुलिस में FIR दर्ज करवाओ (BNS 64)।
- अस्पताल जाकर MLC (Medico Legal Case) और पोस्ट-रेप किट करवाओ।
- सबूत (कपड़े, चोट के निशान, गवाह) सुरक्षित रखो।
- महिला आयोग, हेल्पलाइन (1091) और NGO से मदद लो।
- मुआवजे और सुरक्षा के लिए कोर्ट में आवेदन करो।
Conclusion
BNS Section 64 बलात्कार जैसे जघन्य अपराध पर सख्त सजा देने वाली धारा है। न्यूनतम सजा बढ़ाई गई है, जिससे कानून और सख्त हुआ है। अगर आपके साथ ऐसा मामला है, तो तुरंत अनुभवी वकील से सलाह लें। penalcodedetail.com पर और धाराएँ पढ़ते रहो – हम तुम्हारे साथ हैं। 🙏
FAQ – सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल (10 FAQs)
BNS Section 64 क्या है?
बलात्कार की सजा देने वाली धारा।
BNS 64 में सजा कितनी है?
कम से कम 10 साल से आजीवन कारावास + जुर्माना।
IPC 376 vs BNS 64 में मुख्य बदलाव क्या है?
न्यूनतम सजा 7 साल से बढ़कर 10 साल हो गई है।
BNS 64 जमानती है या गैर-जमानती?
गैर-जमानती।
BNS 64 में वैवाहिक बलात्कार (Marital Rape) शामिल है?
अभी भी पूरी तरह शामिल नहीं है, लेकिन कुछ अपवादों में लागू हो सकता है।
BNS 64 में compounding हो सकता है?
नहीं, गैर-समझौता योग्य अपराध है।
BNS 64 में FIR कैसे दर्ज होती है?
पुलिस सीधे cognizable FIR दर्ज कर सकती है।
BNS 64 में जमानत मिलने में कितना समय लगता है?
बहुत मुश्किल, कई महीनों या साल लग सकते हैं।
BNS 64 में क्या POCSO Act के साथ लग सकती है?
हाँ, अगर पीड़िता नाबालिग है तो POCSO के साथ लगाई जाती है।
BNS 64 का दुरुपयोग कैसे होता है?
झूठी शिकायत करके निर्दोष व्यक्ति को फँसाना।
Disclaimer PenalCodeDetail.com is for educational and informational purposes only. The content does not constitute legal advice, opinion, or professional service. Always consult a qualified lawyer for your specific case, as laws change and vary by jurisdiction. Any reliance on this information is at your own risk. Last updated: 04 May 2026.
Visit Also:
- Section 307 IPC
- Section 498A IPC
- 333 BNS
- IPC 506
- Section 341 IPC
- Section 306 IPC
- POCSO Act in Hindi
- 318(4) BNS
- IPC 498A vs BNS Section 85
- धारा 111 BNS क्या है
- Molestation Case Mein Saza Kya Hai
- IPC 354D vs BNS Section 78
- IPC 377 vs BNS Section 67
- BNS Section 152
- IPC 153A vs BNS Section 196
- BNS Section 138 क्या है?
- BNS Section 105
- BNS Section 85
- BNS Section 296
- धारा 87 BNS in Hindi
- धारा 305 BNS in Hindi
- धारा 137(2) BNS in Hindi
- BNS Section 316(2)
- BNS Section 3(5)
- BNS Section 125