BNS Section 108 क्या है? हत्या का प्रयास (Attempt to Culpable Homicide) – सजा, जमानत और पूरी जानकारी हिंदी में

परिचय: BNS Section 108 – हत्या का प्रयास लेकिन मौत नहीं हुई

भारतीय कानून में हत्या का प्रयास एक बेहद गंभीर अपराध माना जाता है। जब कोई व्यक्ति किसी की हत्या करने का प्रयास करता है, लेकिन किसी कारणवश (जैसे बचाव, चोट कम गंभीर होना, समय पर इलाज आदि) मौत नहीं हो पाती, तो इसे Attempt to Culpable Homicide कहा जाता है।

पुराने कानून में IPC 308 इस अपराध को दंडित करती थी। अब Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) 2023 में धारा 108 ने IPC 308 की जगह ले ली है।

यह धारा उन मामलों में लागू होती है जहाँ हत्या का इरादा तो था, लेकिन मौत नहीं हुई। यह BNS 110 (Attempt to Murder) से अलग है क्योंकि यहाँ हत्या का पूरा इरादा नहीं, बल्कि culpable homicide का इरादा होता है।

BNS 108 का महत्व यह है कि यह कानून को इरादे (intention) और परिणाम (result) के बीच का फर्क समझने में मदद करता है। कई बार लोग गुस्से, उकसावे या लापरवाही में ऐसा कार्य कर बैठते हैं जिससे मौत हो सकती थी, लेकिन हो नहीं पाती। कानून ऐसे मामलों में भी सख्ती बरतता है क्योंकि इरादा गलत था।

यह आर्टिकल BNS Section 108 की बहुत विस्तृत व्याख्या करता है। हम इसकी परिभाषा, सजा, पुरानी धारा से तुलना, उदाहरण, landmark judgements, दुरुपयोग, बचाव और व्यावहारिक सलाह सब कुछ विस्तार से समझेंगे।

BNS Section 108

BNS Section 108 की पूरी व्याख्या

धारा 108 BNS कहती है: “जो कोई व्यक्ति किसी की हत्या करने का प्रयास करता है, लेकिन हत्या नहीं हो पाती, तो वह culpable homicide का प्रयास करने का अपराध करता है।”

मुख्य तत्व (Ingredients):

  • हत्या का प्रयास (attempt to cause death)
  • मौत नहीं हुई
  • इरादा culpable homicide का था (हत्या का पूरा इरादा नहीं)
  • कार्य ऐसा था जो मौत का कारण बन सकता था

सजा:

  • 10 साल तक कैद + जुर्माना, या
  • आजीवन कारावास + जुर्माना (अगर चोट बहुत गंभीर हो)

जमानत: गैर-जमानती (Non-bailable) FIR: Cognizable

IPC 308 vs BNS Section 108 की विस्तृत तुलना

विषय पुरानी IPC 308 नई BNS Section 108 क्या बदला?
अपराध का नाम Attempt to commit culpable homicide Attempt to commit culpable homicide नाम वही
परिभाषा हत्या का प्रयास लेकिन मौत नहीं हुई हत्या का प्रयास लेकिन मौत नहीं हुई भाषा ज्यादा स्पष्ट
सजा 10 साल या आजीवन 10 साल या आजीवन कोई बड़ा बदलाव नहीं
जमानत गैर-जमानती गैर-जमानती कोई बदलाव नहीं
FIR Cognizable Cognizable कोई बदलाव नहीं
मुख्य फोकस Intention to cause death Intention to cause death कोई बदलाव नहीं

BNS 108 के रोज़मर्रा के उदाहरण (विस्तार से)

  1. चाकू का केस: पति-पत्नी में झगड़ा हुआ। पति ने चाकू से छाती पर वार किया, लेकिन चोट गहरी न होने से मौत नहीं हुई → BNS 108 लग सकता है।
  2. गला घोंटने का केस: किसी ने गुस्से में दूसरे का गला घोंटने की कोशिश की, लेकिन व्यक्ति बच गया → BNS 108।
  3. जहर देने का केस: किसी ने जानबूझकर जहर मिला दिया, लेकिन समय पर इलाज हो गया → BNS 108।
  4. गाड़ी से कुचलने का केस: तेज गाड़ी से किसी को कुचलने की कोशिश की, लेकिन व्यक्ति बच गया → BNS 108।
  5. लोहे की रॉड का केस: झगड़े में लोहे की रॉड से सिर पर वार किया, लेकिन मौत नहीं हुई → BNS 108।

अगर तुम पर BNS 108 लग गई हो तो क्या करोगे? (Step-by-Step)

  1. तुरंत senior criminal lawyer से मिलो।
  2. हत्या का पूरा इरादा नहीं था, यह साबित करो (उदाहरण: अचानक गुस्सा आ गया)।
  3. आत्मरक्षा (Private Defence) या provocation का बचाव तैयार रखो।
  4. जमानत के लिए सेशन कोर्ट → हाई कोर्ट → सुप्रीम कोर्ट।
  5. FIR quash के लिए हाई कोर्ट में 482 याचिका डालो।

अगर तुम्हारे साथ हत्या का प्रयास हुआ हो तो क्या करोगे?

  1. तुरंत अस्पताल जाकर MLC (Medico Legal Case) रिपोर्ट बनवाओ।
  2. पुलिस में FIR दर्ज करवाओ (BNS 108 + अन्य धाराएँ)।
  3. सबूत (CCTV, गवाह, हथियार, चोट की फोटो) इकट्ठा करो।
  4. मुआवजे के लिए कोर्ट में आवेदन करो।
  5. सुरक्षा के लिए पुलिस से मदद माँगो।

Conclusion BNS Section 108 हत्या के प्रयास को बहुत गंभीर अपराध मानती है। कानून इरादे को महत्व देता है। अगर आपके साथ ऐसा मामला है, तो तुरंत अनुभवी वकील से सलाह लें। penalcodedetail.com पर और धाराएँ पढ़ते रहो – हम तुम्हारे साथ हैं। 🙏

FAQ – सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल

BNS Section 108 क्या है?

हत्या का प्रयास (Attempt to Culpable Homicide) करने की धारा।

BNS 108 में सजा कितनी है?

10 साल तक कैद या आजीवन कारावास + जुर्माना।

IPC 308 vs BNS 108 में मुख्य बदलाव क्या है?

भाषा ज्यादा स्पष्ट हुई है, लेकिन सजा और प्रावधान लगभग वही हैं।

BNS 108 जमानती है या गैर-जमानती?

गैर-जमानती।

BNS 108 में provocation का बचाव चल सकता है?

हाँ, अगर sudden and grave provocation साबित हो तो सजा कम हो सकती है।

BNS 108 में compounding हो सकता है?

गंभीर मामलों में मुश्किल, लेकिन कोर्ट कुछ मामलों में अनुमति दे सकता है।

BNS 108 में FIR कैसे दर्ज होती है?

पुलिस सीधे cognizable FIR दर्ज कर सकती है।

BNS 108 में जमानत मिलने में कितना समय लगता है?

15-60 दिन तक (कोर्ट पर निर्भर)।

BNS 108 में क्या 34 या 149 के साथ लग सकती है?

हाँ, अगर कई लोग मिलकर प्रयास किया हो तो लगाई जा सकती है।

BNS 108 का दुरुपयोग कैसे होता है?

छोटे झगड़े को हत्या का प्रयास बताकर झूठी FIR दर्ज करवाना।

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