BNS Section 307: हत्या का प्रयास (Attempt to Murder) भारतीय कानून में बहुत गंभीर अपराध माना जाता है। इसमें व्यक्ति जानबूझकर किसी की जान लेने का इरादा रखकर ऐसा कार्य करता है जो मौत का कारण बन सकता था, भले ही मौत न हुई हो।
पुराने कानून में IPC 307 इस अपराध को दंडित करती थी। अब Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) 2023 में धारा 307 ने IPC 307 की जगह ले ली है। नया कानून पुराने से ज्यादा स्पष्ट, आधुनिक और सख्त है। यह उन लोगों पर भारी सजा लगाता है जो जानलेवा हमला करते हैं।
IPC 307 vs BNS Section 307 की पूरी तुलना
| विषय | पुरानी IPC 307 | नई BNS Section 307 | क्या बदला? |
|---|---|---|---|
| अपराध का नाम | Attempt to Murder | Attempt to Murder | नाम वही |
| परिभाषा | जानलेवा हमला | जानलेवा हमला | भाषा ज्यादा स्पष्ट |
| सजा (मौत नहीं हुई) | 10 साल तक कैद + जुर्माना | 10 साल तक कैद + जुर्माना | कोई बड़ा बदलाव नहीं |
| सजा (मौत हुई) | आजीवन या मौत की सजा | आजीवन या मौत की सजा | कोई बदलाव नहीं |
| जमानत | गैर-जमानती | गैर-जमानती | कोई बदलाव नहीं |
| FIR | Cognizable | Cognizable | कोई बदलाव नहीं |
| ट्रायल | सेशन कोर्ट | सेशन कोर्ट | कोई बदलाव नहीं |
BNS Section 307 की विस्तृत व्याख्या
धारा 307 BNS कहती है: कोई भी व्यक्ति, जो जानबूझकर किसी की जान लेने का इरादा रखते हुए ऐसा कार्य करता है जो मौत का कारण बन सकता था, वह हत्या का प्रयास का अपराधी माना जाएगा।
मुख्य तत्व (Ingredients):
- जानबूझकर (intent) किसी की जान लेने का इरादा
- ऐसा कार्य जो मौत का कारण बन सकता था
- मौत हुई हो या न हुई हो (मृत्यु नहीं हुई तो भी अपराध)
सजा:
- अगर मौत नहीं हुई → 10 साल तक कैद + जुर्माना
- अगर मौत हो गई → आजीवन कारावास या मौत की सजा + जुर्माना
जमानत: गैर-जमानती (Non-bailable) FIR: Cognizable ट्रायल: सेशन कोर्ट में
BNS 307 के रोज़मर्रा के उदाहरण
- पति ने पत्नी पर जानलेवा हमला किया लेकिन मौत नहीं हुई।
- पुरानी रंजिश में लोहे की रॉड से सिर पर वार करना।
- चाकू से छाती या गले पर वार करना।
- गुस्से में कार से किसी को कुचलने की कोशिश करना।
- बंदूक से गोली मारने की कोशिश लेकिन चूक जाना।
अगर तुम पर BNS 307 लग गई हो तो क्या करोगे?
- तुरंत senior criminal lawyer से मिलो।
- आत्मरक्षा (Private Defence) या provocation का बचाव करो।
- मेडिकल रिपोर्ट, गवाह, CCTV सबूत इकट्ठा करो।
- जमानत के लिए सेशन कोर्ट → हाई कोर्ट → सुप्रीम कोर्ट।
- FIR quash के लिए हाई कोर्ट में याचिका डालो।
अगर तुम्हारे साथ हत्या का प्रयास हुआ हो तो क्या करोगे?
- तुरंत अस्पताल जाकर MLC (Medico Legal Case) बनवाओ।
- थाने में FIR दर्ज करवाओ (BNS 307 + संबंधित धाराएँ)।
- मेडिकल रिपोर्ट, गवाह, CCTV सबूत दें।
- मुआवजे के लिए कोर्ट में आवेदन करो।
Conclusion
BNS Section 307 हत्या के प्रयास पर सख्त कानून है। यह जानलेवा हमलों को गंभीरता से लेता है और पीड़ितों को न्याय दिलाने में मदद करता है। अगर आपके साथ ऐसा मामला है या आपके खिलाफ केस चल रहा है, तो तुरंत अनुभवी वकील से सलाह लें। समय पर सही कदम उठाना बहुत जरूरी है। penalcodedetail.com पर और धाराएँ पढ़ते रहो – हम तुम्हारे साथ हैं। 🙏
FAQ – सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल (20 FAQs)
BNS Section 307 क्या है?
हत्या का प्रयास करने की धारा।
BNS 307 में सजा कितनी है?
10 साल तक कैद या आजीवन कारावास + जुर्माना।
IPC 307 vs BNS 307 में मुख्य बदलाव क्या है?
भाषा ज्यादा स्पष्ट हुई है, लेकिन सजा और प्रावधान लगभग वही हैं।
BNS 307 जमानती है या गैर-जमानती?
गैर-जमानती।
अगर मौत नहीं हुई तो भी BNS 307 लगती है?
हाँ, जानलेवा हमला करने का इरादा साबित होने पर लगती है।
BNS 307 में आत्मरक्षा का बचाव काम करता है?
हाँ, अगर हमला बचाने के लिए किया गया हो तो बचाव मिल सकता है।
BNS 307 में क्या जुर्माना कितना लग सकता है?
कोर्ट तय करता है, लाखों तक हो सकता है।
BNS 307 में compounding हो सकती है?
नहीं, गैर-समझौता योग्य अपराध है।
BNS 307 में FIR कैसे दर्ज कराएँ?
थाने में जाएँ और मेडिकल रिपोर्ट, गवाह दें।
BNS 307 में ट्रायल कितने समय में होता है?
सेशन कोर्ट में 2-5 साल तक लग सकता है।
BNS 307 में क्या 302 के साथ लगती है?
अगर मौत हो गई हो तो 307 + 302 लग सकती है।
BNS 307 में क्या बचाव संभव है?
हाँ, आत्मरक्षा, provocation, accidental act आदि।
BNS 307 के सबसे बड़े केस कौन से हैं?
राजनीतिक हमले, घरेलू हिंसा, पुरानी रंजिश के केस।
BNS 307 में क्या FIR में 323/324 भी मंगवानी चाहिए?
हाँ, अगर चोट लगी हो तो अतिरिक्त धाराएँ लगाई जाती हैं।
BNS 307 में क्या सजा कितने प्रतिशत मामलों में jail होती है?
ज्यादातर मामलों में jail होती है क्योंकि यह गंभीर अपराध है।
BNS 307 में क्या digital evidence मान्य है?
हाँ, CCTV, मोबाइल रिकॉर्डिंग आदि सबूत मान्य हैं।
BNS 307 में क्या compounding की कोई गुंजाइश है?
नहीं, गैर-समझौता योग्य अपराध है।
BNS 307 में क्या POCSO या SC/ST एक्ट के साथ लग सकती है?
हाँ, अगर पीड़ित बच्चा या SC/ST हो तो अतिरिक्त धाराएँ लगाई जा सकती हैं।
BNS 307 में क्या FIR कैसे फाइल करें?
थाने में जाएँ और मेडिकल रिपोर्ट, गवाह दें।
BNS 307 में क्या अपराध पूरा न होने पर भी लगती है?
हाँ, जानलेवा हमला करने का इरादा साबित होने पर लगती है।
Disclaimer
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