परिचय: BNS Section 105 – मौत हुई, लेकिन हत्या का पूरा इरादा नहीं था
कानून में हत्या को दो मुख्य श्रेणियों में बाँटा गया है:
- हत्या (Murder) — जिसमें हत्या का पूरा इरादा और पूर्व नियोजन होता है (BNS 103)।
- Culpable Homicide not amounting to Murder — जिसमें मौत तो हो गई, लेकिन हत्या का पूरा इरादा नहीं था।
पुराने कानून में इसे IPC 304 कहते थे। अब Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) 2023 में धारा 105 ने IPC 304 की जगह ले ली है।
यह धारा उन मामलों के लिए है जहाँ व्यक्ति ने मौत का इरादा तो रखा, लेकिन हत्या का पूरा इरादा नहीं था, या अचानक उकसावे (grave and sudden provocation) में काम किया। कानून यहाँ intention और circumstances के बीच का फर्क बहुत अच्छे से समझता है।
BNS Section 105 की पूरी व्याख्या (Section-wise)
धारा 105 BNS दो मुख्य भागों में बँटी है:
1. BNS 105(1)
जो कोई व्यक्ति जानबूझकर (intentionally) किसी की मौत करता है, लेकिन हत्या (murder) की परिभाषा पूरी नहीं करता, तो यह culpable homicide माना जाएगा।
सजा: 10 साल तक कैद या आजीवन कारावास + जुर्माना
2. BNS 105(2)
अगर कोई व्यक्ति अचानक और गंभीर उकसावे (grave and sudden provocation) में आकर किसी की मौत कर दे, तो सजा कम हो सकती है।
सजा: 5 साल तक कैद + जुर्माना (कुछ गंभीर मामलों में 10 साल या आजीवन भी)
IPC 304 vs BNS 105 की विस्तृत तुलना
| विषय | पुरानी IPC 304 | नई BNS Section 105 | क्या बदला? |
|---|---|---|---|
| नाम | Culpable Homicide not amounting to Murder | Culpable Homicide not amounting to Murder | नाम वही |
| 105(1) सजा | 10 साल या आजीवन | 10 साल या आजीवन | कोई बदलाव नहीं |
| 105(2) उकसावे में सजा | 10 साल तक | 5 साल तक (राहत दी गई) | सजा में सुधार |
| जमानत | गैर-जमानती | गैर-जमानती | कोई बदलाव नहीं |
| मुख्य फोकस | Intention और Knowledge | Intention, Knowledge और Provocation | ज्यादा स्पष्ट |
BNS 105 के महत्वपूर्ण उदाहरण
- उकसावे का केस: पत्नी ने पति को बहुत गंभीर उकसाया, पति ने गुस्से में एक वार किया और मौत हो गई → BNS 105(2) लग सकता है।
- झगड़े का केस: दो लोगों में मारपीट हुई, एक ने लाठी मारी, सिर पर लगकर मौत हो गई, लेकिन हत्या का इरादा नहीं था → BNS 105(1)।
- शराब का केस: नशे में लड़ाई हुई और मौत हो गई → BNS 105 लग सकता है।
- लापरवाही का केस: तेज गाड़ी चलाते समय एक्सीडेंट में मौत हो गई → कई मामलों में BNS 105(1)।
अगर तुम पर BNS 105 लग गई हो तो क्या करोगे?
- तुरंत अनुभवी क्रिमिनल वकील से मिलो।
- हत्या का पूरा इरादा नहीं था, यह साबित करने की कोशिश करो।
- उकसावे (grave and sudden provocation) का बचाव तैयार रखो।
- जमानत के लिए सेशन कोर्ट → हाई कोर्ट में प्रयास करो।
- FIR quash के लिए हाई कोर्ट में 482 याचिका डाल सकते हो।
अगर तुम्हारे परिवार में कोई इस मामले का शिकार हुआ हो तो क्या करोगे?
- तुरंत FIR दर्ज करवाओ (BNS 105 + अन्य संबंधित धाराएँ)।
- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, गवाह, मेडिकल रिकॉर्ड, CCTV इकट्ठा करो।
- वकील की मदद से मजबूत केस तैयार करो।
- Victim compensation के लिए आवेदन करो।
Conclusion BNS Section 105 कानून का वह हिस्सा है जो इरादे और परिस्थिति के बीच का फर्क समझता है। यह हत्या और सामान्य culpable homicide के बीच संतुलन बनाए रखता है। अगर आपके साथ कोई ऐसा मामला है, तो तुरंत अनुभवी वकील से सलाह लें। समय पर सही कदम बहुत महत्वपूर्ण है। penalcodedetail.com पर और धाराएँ पढ़ते रहो – हम तुम्हारे साथ हैं। 🙏
FAQ – सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल
BNS Section 105 क्या है?
जानबूझकर मौत कराने वाली, लेकिन हत्या का पूरा इरादा न होने वाली धारा।
BNS 105 में सजा कितनी है?
10 साल तक कैद या आजीवन कारावास + जुर्माना (105(1))। उकसावे में 5 साल तक (105(2))।
IPC 304 vs BNS 105 में मुख्य बदलाव क्या है?
भाषा ज्यादा स्पष्ट हुई है और उकसावे वाले मामले में सजा में थोड़ी राहत दी गई है।
BNS 105 जमानती है या गैर-जमानती?
गैर-जमानती।
BNS 105 और BNS 103 (हत्या) में क्या फर्क है?
BNS 103 में हत्या का पूरा इरादा होता है, जबकि BNS 105 में मौत का इरादा होता है लेकिन हत्या का पूरा इरादा नहीं।
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