Section 74 BNS क्या है? जानबूझकर गंभीर चोट पहुँचाने की सजा – आसान हिंदी में पूरी जानकारी

Section 74 BNS वो धारा है जिसमें कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी को गंभीर चोट (grievous hurt) पहुँचाता है।

गंभीर चोट के मुख्य प्रकार

  • हड्डी या दाँत टूटना/खराब होना
  • 20 दिन से ज्यादा दर्द या काम न कर पाना
  • चेहरा या शरीर का स्थायी विकृत होना
  • आँख, कान या किसी अंग की स्थायी क्षति
  • जीवन को खतरा पैदा करने वाली चोट

सजा

  • न्यूनतम 1 साल कैद
  • अधिकतम 10 साल कैद + जुर्माना
  • अगर हथियार/खतरनाक साधन से हो या बहुत गंभीर चोट हो तो आजीवन कारावास तक

जमानतगैर-जमानती (बहुत मुश्किल मिलती है) ट्रायल → सेशन कोर्ट में होता है पुरानी IPC में → ये धारा 325 IPC थी (अब BNS में 74 हो गई है)

Table of Contents

Section 74 BNS कब लगती है? (रोज़मर्रा के 10 उदाहरण)

  1. किसी से पुरानी रंजिश में लोहे की रॉड से सिर पर वार करके हड्डी तोड़ दी
  2. चाकू से चेहरे पर वार करके स्थायी निशान कर दिया
  3. लाठी-डंडे से हाथ-पैर तोड़ दिए
  4. एसिड अटैक करके चेहरा बर्बाद कर दिया
  5. गुस्से में किसी को इतना मारा कि 25 दिन अस्पताल में रहा
  6. झगड़े में आँख में चोट पहुँचाकर आँख की रोशनी कम कर दी
  7. परिवार में मारपीट करके पत्नी की हड्डी तोड़ी
  8. पड़ोस में विवाद में पत्थर से वार करके कान का पर्दा फाड़ दिया
  9. कार्यस्थल पर बॉस ने कर्मचारी को इतना मारा कि 30 दिन काम नहीं कर पाया
  10. सड़क पर झगड़े में किसी को लात-घूंसे से इतना मारा कि जीवन खतरे में पड़ गया

ध्यान रखो → चोट जानबूझकर लगाई गई हो और गंभीर होनी चाहिए। अगर मामूली चोट हो तो धारा 115(1) BNS लगती है।

सजा की पूरी डिटेल (तालिका)

धारा अपराध का नाम न्यूनतम सजा अधिकतम सजा जमानत मिलती है? पुरानी IPC धारा
74 BNS जानबूझकर गंभीर चोट पहुँचाना 1 साल कैद 10 साल कैद + जुर्माना नहीं 325 IPC
75 BNS हथियार/खतरनाक साधन से गंभीर चोट 3 साल कैद आजीवन कैद नहीं 326 IPC
76 BNS बच्चे/महिला/वृद्ध पर गंभीर चोट 5 साल कैद आजीवन कैद नहीं 325 + विशेष
115(1) BNS जानबूझकर मामूली चोट जुर्माना 1 साल कैद या जुर्माना हाँ 323 IPC

जुर्माना → चोट की गंभीरता और नुकसान के अनुसार लाखों तक हो सकता है। कैद → कठोर (rigorous) या साधारण – कोर्ट तय करता है।

जमानत मिलना बहुत मुश्किल क्यों?

  • गैर-जमानती अपराध है
  • गंभीर चोट से जीवन भर का नुकसान हो सकता है
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि गंभीर चोट के केस में जमानत रेयर केस में ही मिलनी चाहिए
  • अगर आरोपी का पुराना रिकॉर्ड हो या पीड़ित की हालत गंभीर हो तो जमानत लगभग नामुमकिन

असल जिंदगी में धारा 74 BNS (पुरानी 325 IPC) के केस

  • घरेलू हिंसा केस – पति ने पत्नी को लाठी से इतना मारा कि हाथ की हड्डी टूट गई → 74 BNS + 498A
  • सड़क पर झगड़ा → किसी ने लोहे की रॉड से वार करके सामने वाले की हड्डी तोड़ी → 74 BNS
  • जातिसूचक झगड़ा → किसी ने गुस्से में वार करके कान का पर्दा फाड़ दिया → 74 BNS + SC/ST एक्ट
  • कार्यस्थल पर मारपीट → बॉस ने कर्मचारी को इतना मारा कि 25 दिन काम नहीं कर पाया → 74 BNS

Section 74 BNS का दुरुपयोग कैसे होता है?

  • छोटी मारपीट को गंभीर चोट दिखाकर 74 BNS में FIR करवाना
  • पुरानी रंजिश में झूठी मेडिकल रिपोर्ट बनवाना
  • कोर्ट में ज्यादातर केस असली मेडिकल रिपोर्ट और गवाह के बिना कमजोर हो जाते हैं

अगर तुम पर धारा 74 BNS लग गई हो तो क्या करोगे? (स्टेप-बाय-स्टेप)

  1. तुरंत अच्छा क्रिमिनल वकील लो
  2. मेडिकल रिपोर्ट की कॉपी मंगवाओ (ये दिखाओ कि चोट गंभीर नहीं है)
  3. गवाह और CCTV फुटेज इकट्ठा करो
  4. ये साबित करो कि चोट जानबूझकर नहीं लगाई गई (accident था या self-defence)
  5. जमानत के लिए सेशन कोर्ट में आवेदन दो
  6. अगर सेशन कोर्ट मना करे तो हाई कोर्ट जाओ
  7. 482 CrPC में याचिका डालकर FIR रद्द करवाने की कोशिश करो

अगर किसी ने तुम्हें गंभीर चोट पहुँचाई हो तो क्या करोगे?

  1. तुरंत अस्पताल जाओ और MLC (Medico-Legal Case) बनवाओ
  2. पुलिस को कॉल करो (100 या 112)
  3. FIR में 74 BNS + संबंधित धाराएँ (115, 323, 326, 307 आदि) मंगवाओ
  4. मेडिकल रिपोर्ट, गवाह, CCTV सबूत इकट्ठा करो
  5. मुआवजे के लिए सिविल कोर्ट में भी केस कर सकते हो

Conclusion

धारा 74 BNS जानबूझकर गंभीर चोट पहुँचाने की बहुत गंभीर धारा है – सजा 10 साल तक कैद या आजीवन तक जा सकती है। अगर तुम्हारे साथ ऐसा हुआ है या तुम पर लग गई है, तो तुरंत मेडिकल रिपोर्ट और वकील की मदद लो। penalcodedetail.com पर और धाराएँ पढ़ते रहो – हम तुम्हारे साथ हैं। 🙏

FAQ – सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल (20 जवाब)

धारा 74 BNS क्या है?

जानबूझकर गंभीर चोट पहुँचाने की धारा है।

धारा 74 BNS में कितनी सजा मिलती है?

अधिकतम 10 साल कैद + जुर्माना (कुछ मामलों में आजीवन भी)।

धारा 74 BNS जमानती है या गैर-जमानती?

गैर-जमानती। जमानत बहुत मुश्किल मिलती है।

धारा 74 और 75 BNS में क्या फर्क है?

74 साधारण गंभीर चोट, 75 हथियार/खतरनाक साधन से गंभीर चोट (आजीवन तक सजा)।

गंभीर चोट का मतलब क्या है?

हड्डी टूटना, चेहरा बिगड़ना, 20 दिन से ज्यादा दर्द, आँख/कान का नुकसान आदि।

धारा 74 BNS में compounding हो सकती है?

नहीं, गैर-समझौता योग्य अपराध है।

धारा 74 BNS में जमानत मिल सकती है?

बहुत रेयर केस में हाई कोर्ट से मिलती है।

धारा 74 BNS में FIR कैसे फाइल करें?

थाने में या online, मेडिकल रिपोर्ट और गवाह दें।

धारा 74 BNS में कितने साल की सजा मिलती है?

अधिकतम 10 साल, ज्यादातर 3-7 साल मिलते हैं।

धारा 74 BNS में जुर्माना कितना लगता है?

कोर्ट तय करता है – हजारों से लाखों तक।

धारा 74 BNS का दुरुपयोग कैसे रोकें?

मेडिकल रिपोर्ट और गवाह से बचाव करो।

धारा 74 BNS में ट्रायल कितने समय में होता है?

सेशन कोर्ट में 2–5 साल तक लग सकता है।

धारा 74 BNS और 326 पुरानी IPC में क्या फर्क था?

326 हथियार से गंभीर चोट के लिए थी, 325 साधारण गंभीर चोट के लिए।

धारा 74 BNS में क्या बचाव संभव है?

हाँ, अगर चोट जानबूझकर नहीं लगाई गई या गंभीर नहीं साबित हुई।

धारा 74 BNS में क्या चोट साबित करना जरूरी है?

हाँ, मेडिकल रिपोर्ट से गंभीर चोट साबित होनी चाहिए।

धारा 74 BNS के सबसे बड़े केस कौन से हैं?

घरेलू हिंसा, सड़क झगड़े, जातिसूचक मारपीट के केस।

धारा 74 BNS में क्या FIR में 75 भी मंगवानी चाहिए?

हाँ, अगर हथियार से चोट लगी हो तो 74 + 75।

धारा 74 BNS में क्या POCSO के साथ लगती है?

हाँ, अगर पीड़ित बच्चा हो तो POCSO के साथ लगती है।

धारा 74 BNS में क्या सजा कितने प्रतिशत मामलों में jail होती है?

ज्यादातर मामलों में jail होती है क्योंकि गंभीर चोट गंभीर अपराध है। conviction rate ~50-60% रहता है।

धारा 74 BNS में क्या FIR कैसे फाइल करें?

थाने में या online, मेडिकल रिपोर्ट और गवाह दें।

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